जाने भगवन श्री कृष्ण और रुक्मणि के विवाह की कहानी

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SHREE KRISHNA RUKMANI VIVAH




विदर्भ राज्य का भीष्मका का नाम राजा था। रुक्मी, रुक्मरथा, रुकामाहू, रूमेकेशा और रुक्मामली नाम के उनके पांच बेटे थे। श्रीमान नारायण का जन्म कंस की हत्या के लिए हुआ था और न्याय स्थापित करने के लिए। जब वह कृष्ण के रूप में पैदा हुआ था,तब माता लक्ष्मी का जन्म रुक्मिणी के रूप में हुआ था,
भस्मका की बेटी वह बहुत सुंदर और अच्छी थी ! पिता भीष्मका केवल भगवान कृष्ण से भयभीत नहीं थे, लेकिन श्री कृष्ण के लिए भी बहुत सम्मान था। वह भगवन श्री कृष्ण का विवाह अपनी पुत्री रुक्मणि के साथ करना चाहते थे ।

लेकिन भीष्मक के पहले बेटे रुक्मि इसके साथ सहमत नहीं थे। वह शिशुपाल और अन्य लोगों द्वारा बनाई गई दुष्ट पुरुषों के एक गिरोह में शामिल हो गए थे। उन्होंने शिशुपाला से अपनी बहन रुक्मिणी की शादी करवाना चाहते थे उन्होंने अपने पिता पर दबाव डाला चूंकि रूकी वह श्री कृष्ण को नफरत करता था इसलिए वह श्री कृष्ण और रुक्मणि , वह रिश्ते के लिए सहमत नहीं थे। भीष्मका अपनी बेटे की सलाह को नजरअंदाज करने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली नहीं था !

शिशुपाल के साथ रुक्मिणी का विवाह तय किया गया था। लेकिन रुक्मिणी, जिन्होंने श्रीकृष्ण के अच्छे चरित्र और महानता के बारे में सुना है, ने मानसिक रूप से उसे अपने पति के रूप में स्वीकार किया था। उसने द्वारका में दूत से सन्देश भेजा कि वह कृष्ण से विवाह करेगी; और यदि वह संभव नहीं है, तो वह अपना जीवन त्याग देगी।

श्री कृष्ण ने पहले से ही रुकमिन के चरित्र, गुण और सुंदरता की चर्चा की थी। वह उससे शादी करना चाहता था इसलिए, वह तुरंत रथ दवारा भीष्मका के शहर में आया। बलराम को पता चला कि श्री कृष्ण अकेले गए। तुरन्त वह अपने भाई की मदद के लिए एक बड़ी सेना के साथ उनका पीछा किया !



विदर्भ की राजधानी में रूक्मिणी के विवाह के लिए सभी व्यवस्था की जा रही थी। शिशुपाल अपने दोस्तों जारसंध, साल्वा, पौंड्राक और अन्य लोगों के साथ पहुंचे थे। बलराम और कृष्ण भी शामिल हुए। बलराम ने शहर के बाहर दूर अपनी सेना को तैनात किया था।
कुछ समय बाद शादी की रस्म शुरू हुई। रुक्मिणी अपने परिवार के साथ गोवरी पूजा करने के लिए मंदिर में गए। उसने गौरी की पूजा की और प्रार्थना की: “केवल श्री कृष्ण ही मेरे पति बनें।” श्री कृष्ण के शहर आने के बारे में उन्हें नहीं पता था। वह क्या होगा के बारे में चिंतित थी। रुक्मिणी ने
गौरी की पूजा और मंदिर से बाहर आई तुरन्त श्रीकृष्ण ने अपना रथ लाये , उसे अपना रथ में बैठाया और द्वारका की ओर चला पड़े । जरासंध और अन्य, जब उन्हें इस घटना के बारे में पता चला तो क्रोधित हो गया और श्री कृष्ण के पीछे चला गए। एक भयानक युद्ध लड़ा गया था। कृष्ण और बलराम ने सभी को हराया और द्वारका चले गए !
इसके बाद द्वारका में श्री कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह किया गया । रुक्मिणी वरिष्ठ रानी थीं प्रद्युम्न रुक्मिणी का पुत्र था ।

साप्ताहिक भविष्य 26 नवम्बर 2017 से 2 दिसंबर 2017 तक

 

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26 नवम्बर 2017 से 2 दिसंबर 2017 तक




मेष : 22 मार्च से 21अप्रैल
राहु केतु की कमजोर स्थिति आपके कदम को पीछे खींचने वाली है मगर कारोबारी लाभ तथा कारोबारी यात्रा के लिए समय बेहतर, मान यश की प्रापति, वैसे पाँव फिसलने का दर भी रहेगा, 26 नवम्बर से 28 तक व्यापर में लाभ, 28 से 30 शाम तक सितारा पेट के लिए ढीला रहेगा, मगर 30 नवम्बर शाम से 2 दिसंबर तक व्यापर तथा कामकाज कामो की दशा अच्छी, फिर आगे हर मोर्चा पर बेहतरी वाला !
वृष: 22 अप्रैल से 21 मई
सितारा सरकारी काम सवारने, मान सम्मान देने तथा कारोबारी मोर्चा पर कदम बढ़त की तरफ रखने वाला पर सप्ताह के तीसरे हिस्से में किसी के पंगे के जागने का डर रह सकता है ! 26 नवम्बर से 28 दोपहर तक सरकारी तथा गैर सरकारी कामों में कामयाबी, 28 से 30 तक सितारा आमदनी तथा कारोबारी ट्रेनिंग में लाभ देने वाला, 30 नवम्बर से 2 दिसंबर शाम तक न तो किसी की जिम्मेवारी में फेज और न ही किसी पर ज्यादा भरोसा करे, मगर आगे समय कामकाजी कामों के लिए बेहतर!
मिथुन: 22 मई से 21 जून
राजकीय कामों में आपकी पैठ- बोलबाला बढ़ेगा, व्यापर, कारोबार में लाभ, संतान भी, सपोर्टिव रहेगी, मगर केतु की स्थिति सेहत के लिए ढीली बन गई है , एहतियात रखे! 26 नवम्बर से 28 तक इरादों में कामयाबी, आमतौर पर भी बेहतरी होगी 28 से 30 शाम तक अफसरों के नरम रुख के कारण न सिर्फ कोई बाधा हटेगी बल्कि बड़े लोग नहीं मेहरबान रहेगी , 30 नवम्बर से 2 दिसंबर शाम तक धन- लाभ के लिए सितारा बेहतर फिर आगे समय खर्चो तथा टेंशन वाला
कर्क :22 जून 21 जुलाई
सेहत के प्रति अटेंटिव रहने की जरूरत मगर सरकारी कामों में बेहतर सुनवाई होगी , प्रभावी दबदबा भी बना रहेगा ! 26 नवम्बर से 28 पूर्व दोपहर तक सेहत का ध्यान रखे , खान पीना भी संभल कर रहना चाहिए मगर 28 से 30 तक यंत्र करने पर योजनाबधी कुछ आगे तक बढ़ेगी, 30 नवम्बर शाम से 2 एसेम्बर तक जिस काम की कोशिश करोगे उसमे कामयाबी मिलेगी , मान सम्मान की प्रापति ,आर्थिक दशा बेहतर



सिंह : 22 जुलाई से 21 अगस्त
कामकाजी दशा संतोषजनक, यंत्र करने पर योजनाबंदी तथा प्रोग्रामिंग में थोड़ी बहुत पेशकदमी होगी मगर सेहत में गड़बड़ी रहने का डर रहेगा ! 26 नवम्बर से 28 पूर्व तक व्यापारी तथा कामकाजी की दशा अच्छी, यंत्रो- प्रोग्राम में विजय मिलेगी , 28 से 30 तक सितारा पेट के लिए ढीला, मौसम के दुष्प्रभाव से अपना बचाव रखना ठीक रहेगा, मगर 30 नवंबर से २ दिसंबर तक उदेश्य मनोरथ हल होंगे , आगे समय कामयाबी वाला !
कन्या :22 अगस्त 21 सितम्बर
दुश्मनो के उभरने तथा सेहत के बिगड़ने का डर रहेगा मगर कारोबार संतोषजनक ! 26 नवम्बर से 28 तक विरोधियो को कमजोर समझने की गलती न करे 28 से 30 तक अर्थ तथा कारोबारी दशा अच्छी पति पत्नी की सोच एक जैसे रहेगी , 30 नवम्बर से 2 दिसंबर शाम तक सेहत , खास पेट का ध्यान रखे , फिर आगे समय भी बेहतर हालत बनाएगा !
तुला : 22 दिसंबर से 21 अक्टूबर
विरोध पक्ष की शरारतो तथा हरकतों पर नजर रखनी चाहिए , मगर अर्थ दशा अच्छी रहेगी , सात्विक सोच प्रभावी रहेगी ! 26 से 28 तक प्रयासों में कामयाबी , हर तरह से बेहतरी होगी , 28 पूर्व से 30 तक न तो दुश्मनो पर भरोसा करे न ही उन्हें लिफ्ट दे , मगर 30 नवम्बर शाम से 2 दिसंबर तक कारोबारी दशा संतोषजनक , पति पत्नी के बीच तालमेल बढ़ेगा !
वृश्चिक : 22 अक्टूबर से 21 नवम्बर
जायदादी कामों में कामयाबी , अफसर मेहरबान रहेंगे मगर शत्रु नुक्सान पहुंचने के लिए मौका तलाशता नजर आएगा ! 26 नवम्बर से 28 तक जयदे कामों के लिए मेहनत रंग लाएगी !28 से 30 तक धार्मिक व् सामाजिक कामों में ध्यान संतान सहयोग देगी 30 से 2 तक विरोहि उबरेंगे टेंशन बनेगी फिर आगे समय काम काजी दशा सही रहेगी !



धनु : 22 नवम्बर से 21 दिसंबर
कामकाजी भागदौड़ बानी रहेगी विरोधी आपकी पकड़ में रहेंगे, कोशिश करने पर योजनाओ में कामयाबी साढ़ेसाती परेशानी व् विपरीत हालत बना सकती है! 26 से 28 तक अपने कामों को निपटाने के लिए भागदौड़ करेंगे सही नतीजा मिलने की आशा ! 28 से 30 तक अदालती कामों में कदम बात की तरफ 30 से 2
तक संतान के सहयोग से कोई मुश्किल हल होगी !
मकर : 22 दिसंबर से 21 जनवरी तक
लोहा मशीनरी लोहे के कामकाज करने वालो को लाभ मिलेगा, मित्र सहयोग देंगे परन्तु घरेलू परेशानी रह सकती है ! 26 से 28 तक धन लाभ के लिए सितारा अच्छा यात्रा सफल रहेगी ! 28 से 30 तक बड़े लोग , कारोबारी तालमेल रखेंगे, 30 से 2 तक जमीनी कोर्ट कचहरी के के कामों में बढ़त की तरफ ,आगे समय बेहतर !
कुम्भ : 22 फरवरी से 21 मार्च
अध्यापन, पर्यटन, कंसल्टेंसी मेडिसिन का काम करने वालो की आर्थिक दशा अच्छी रहेगी , विरोधी भी समक्ष ठीक न सकेंगे ! 26 नवम्बर से 28 कारोबारी दशा अच्छी , योजनाओ में कामयाबी , 28 से 30 तक कारोबार में लाभ वैसे भी समय बेहतर ! ३० से २ तक कामकाजी भागदौड़ अच्छा नतीजा देगी , इज्जत मान की प्रापति ,फिर आगे समय कामयाबी वाला !



मीन : 22 फरवाई से 21 मार्च तक
उलझने बढ़ने का डर, इसलिए पूरी तरह से अलर्ट रहे मगर व्यापर कारोबार के मोर्चा पर बेहतरी, आम तोर पर आप हावी प्रभावी रहेंगे ! 26 नवम्बर से 28 तक समय धन हानि , खर्चो, उलझने वाला , उधारी के चक्कर में भी न फसे मगर 28 से 30 तक व्यापर तथा कामकाज की दशा अच्छी सफलता साथ देगी , 30 नवम्बर से 2 तक आमदन वाला सितारा , कोशिश करने पर कोई कामकाजी मुश्किल हटेगी , फिर आगे समय बेहतर समझे !

विभिन्न रत्न और आपका स्वास्थ्य

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रत्न स्वास्थ्य के लिए बी बहुत फायदेमंद होते है, दवा के साथ- साथ रत्न का प्रयोग या फिर मेरी रे मैं रोग से बचाव के लिए हमें रत्न धारण करना चाहिए !

माणिक्य (ह्रदय रोग/ नेत्र रोग )

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यह सूर्य का रत्न है ! इसका रंग लाल होता है जो व्यक्ति ह्रदय रोग या निम्र रक्तचाप से पीड़ित है,उनके लिए माणिक्य धारण करना अच्छा रहता है ! यह रत्न आँख के रोग एवं ज्योति के लिए भी धारण किया जाता है!

मोती ( मानसिक रोग )

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यह चन्द्रमा का रत्न है ! यह सफ़ेद रंग का होता है, जिनका मैं भी बैचेन रहता है या मानसिक तनाव रहता है क्योंकि तनाव से बहुत सी बीमारिया होती है इस रोग से बचने के लिए उन्हें मोती धारण करना चाहिए ! निराशा स्वास सम्बन्धी रोग , सर्दी जुकाम के लिए मोती पहनना चाहिए ! इन रोगो मैं मोती गुणकारी होता है!



मूंगा (लकवा, मिर्गी, पीलिया )

यह मंगल का रत्न लाल होता है ! यह व्यक्ति को ऊर्जावान बनाता है ! किनी के रोग के अलावा कई अन्य रोग जैसे लकवा, मिर्गी, पीलिया में भी इसे धारण करना लाभकारी है! बच्चों को मूंगा पहनाने से बालारिष्ट रोग से बचाव होता है !

पन्ना ( त्वचा, दमा, खांसी, अनिंद्रा ,टांसिल )

यह रत्न का बुध का होता है और हरे रंग का होता है ! इस रत्न को धारण करने से त्वचा सबंधी रोग व् दमा, खांसी, मिचली, अनिंद्रा ,टांसिल जैसे रोगों से बचाव होता है ! इस रत्न के प्रभाव से लिवर व् किडनी स्वस्थ रहते है और तेज़ी से सुदगार होता है !

पुखराज (अल्सर, रक्तचाप )

यह गुरु का रत्न पिले रंग का होता है , जिसे आप मोटापे को नियंत्रित करने और सेहत में सुधर के लिए पहन सकते है! इसे धारण करने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है ,अल्सर व् सात्रिपात रोग के लिए पुखराज धारण कर सकते है!



हीरा ( सौंदर्य, नपुंसकता, हिस्टीरिया, क्षयरोग )

शुक्र गृह का ये रत्न सौंदर्य मैं वर्दी करता है ! शरीर मैं रक्त की कमी , मोतियाबिंद, नपुंसकता, एनीमिया , हिस्टीरिया , क्षय रोग आदि से बचाव करता है !

नीलम (मिर्गी, ज्वर, गठिया ,हटड़ी के रोग )

यह शनि का नीले रंग का रतन है , जो हटडियो के रोग , मिर्गी, ज्वर गठिया, बवासीर में लाभकारी है ! सन्धिवात से पीड़ित रोगी भी इसे धारण कर सकता है !

गोमेद ( पेट, बवासीर , पित्त, कफ )


राहू का ये रत्न सहद के समान भूरे रंग का होता है , पेट व् पाचन के रोग, बवासीर, सर्दी कफ, पित्त के रोगों मैं लाभकारी होता है !

लहसुनिया ( संतान, मुख रोग चेचक, बवासीर )





ये केतु का रत्न है ! ये रत्न संतान सुख , मुख रोग , चेचक रोग , एनीमिया आदि रोगों में पहनना लाभप्रद होता है !
ये रत्न आप किसी ज्योतिष से ही सलाह लेकर ही पहने, क्योंकि वही आपकी जन्मपत्री देख के बता सकते है की कोनसा गृह कमजोर है ! ये सरे रत्न स्वास्थ्य के अतिरिक्त भी हमरे जीवन की कई समस्याएं दूर करते है ! जैसे सूर्य रत्न हमे यश प्रदान करते है ! चन्दर हमारे मैं को ताकत देते है ! बुध हमारी वाणी व् गुरु हमे ज्ञान प्रदान करता है ! शुक्र हमे सौंदर्य प्रदान करते है ! शनि हमे सेवा भाव से कर्म करना सिखाते है इस प्रकार सारे रत्न हमारे लिए खुशिया लेते है !

3 MUKHI RUDRAKSHA USES AND BENEFITES

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3 Mukhi Rudraksha -ketanastrologer




3 Mukhi Rudraksha: 3 Mukhi Rudraksha is the living form of Agnidev, the lord of fire. 3 mukhi Rudraksha is beneficial in several ways, This Rudraksha is a must for mentally retarded children or those children who have low I.Q. This Rudraksha cures low blood pressure and blood impurities. It is said that this rudraksha can even wipe out the evils of heinous acts like killing a woman. This Rudraksha is the amalgamation of the all trigunas- tamogun and Satoguna and represents Brahma, Vishnu and Mahesh, the Trinity. In Astrology, this Rudraksha is ruled by Mars, This Rudraksha has multiple utility.

three- mukhi-rudraksha

  • This rudraksha cures skin disease, if some beads of this Rudraksha is kept in a copper pot filled with water and that water is consumed every 24 hours in every morning with empty stomach.
  • All desires and wishes get fulfilled if 3 Mukhi Rudraksha is used for the Japa.

Preferably this rudraksha should be worn on Monday and Tuesday after dipping into cow milk and in Ganga jal thereafter with the recitation of the following mantra at least 108 times.



Mantra: Om Klin Namah ! Om Agnaye Namah !

2 Mukhi Rudraksha Benefits

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2 Mukhi Rudraksha -Ketan Astrologer




2 Mukhi Rudraksha -Ketan Astrologer
2 Mukhi Rudraksha : 2 Mukhi Rudraksha resembles to lord Shiva and goddess parvati and is considered to be the form of Ardhnarishwar. Whosoever uses this 2 Mukhi rudraksha, all his wishes and desires get fulfilled. It brings Prosperity in business and work and leads to the attainment of moksha.

2 Mukhi Rudraksha has the inherent potential to wipe out all the papakarmas committed in this life time or in the past births and make the person free from every type of sickness and disease including the incurable and chronic disease. This Rudraksha is specially beneficial for the natives born in Cancer lagna. In astrology, 2 Mukhi rudraksha represents moon, so it is worn specially to get rid of diseases and misfortune arising out of the malefic impact of moon. This rudraksha also helps in strengthening the bond of affection and love between Guru- shishya, father-son, husband-wife, lover-beloved etc. Preferably this rudraksha should be worn on Monday and Friday after dipping it into cow milk and in Ganga jal thereafter with the recitation of the following mantra at least 108 times.

mantra: Om ! namhah! Om shivshaktibhyam namah!



2 Mukhi Rurasksha is Very Beneficiary In Love Problems. If Anyone Is Facing Problem In His Marriage Life or Love Relationship Then It can Be Very Great Option For Him To Wear It With Above Rituals.

1 Mukhi Rudraksha Will Give You Blessings Of Lord Shiva

1mukhirudrakhsak
1 Mukhi Rudraksha By Ketan Astrologer




1 Mukhi Rudraksha also called one faced rudraksha is said to be the form of lord Shiva and considered to be emblem of divine grace. Those who wear 1 Mukhi rudraksha is blessed with both pleasure i.e. materialism and attainment of divine knowledge and truth. As such it provides the way for both bhukti and mukti. 1 Mukhi Rudraksha wipes out the negativity of prarabdh karma and sanchit karma and accelerates the pace of kriyamaan karma in right direction for the attainment of the universal soul. 1 mukhi Rudraksha is very rare and difficult to find but if one gets it , it ensure all round success, achievement and prosperity. Preferably this rudraksha should be worn on Monday after dipping it into cow milk and in Ganga jal thereafter with the recitation of the following mantra at least 108 times.

Mantra: Om Hrin Namah! Om Namah Shivay !

Recitation Of This Mantra And Wearing 1 Mukhi Rudraksha Will Give Your Blessings Of Lord Shiva. If A Person Recite Above Mantra Daily At least 108 Times Will Solve All The Financial Issue And will Open Many Ways Of Income.But One should Keep In Mind That Rudraksha should Be Original and must Touch Skin of The Person Who Wears It.It will Give Both Health And Wealth.

Vastu for Bedroom

Vastu for Bedroom

Vastu For BedRoom
Vastu For BrdRoom By Ketan Astrologer




Bed room is supposed to be a place for romance and relaxation. Vastu says that the bedroom should be as far away from North and East direction as possible. The more you are closer to South and west, more you will find peace and comfort. That is why southwest or south area is best suited for a master bedroom.

Never place your head towards north while sleeping like poles repel each other. It should be towards south, as it ensures good health and peaceful sleep. Placing your head in east or west is also beneficial depending upon the location of doors, window and toilets. Maximum furniture should be kept on south and west side of the bedroom.

VastuKA
Vastu For Bedroom

Preferably, there should not be any reflective surface in bedroom to ensure harmonious family life and better health. In case, there is no other option but to have a mirror/ T.V./ Computer etc, place it in such a way that it does not reflect the bed or you can cover the mirror with cloth before going to sleep.



Ideal colors for bedroom walls are off white, light yellow, light green or peach. Avoid dark & fluorescent shades.

साप्ताहिक भविष्य 19 नवम्बर से 25 नवम्बर तक

साप्ताहिक भविष्य 19  नवम्बर से 25 नवम्बर तक

 

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horoscope by ketan astrologer




मेष :22मार्च से -21अप्रैल

सेहत केलिए ढीला है ये सपताह, गिरने फिसलने का डर ,कामकाज के लिए बेहतर, शत्रु कमजोर रहेंगे ! 19 -20 को सेहत का ध्यान रखे! 21 -22 को योजनाए सफल होंगी!
23 -24 को शत्रु नुक्सान पहुंचाने की कोशिश करेंगे !

वृष :22 अप्रैल से 21 मई
किसी शत्रु के साथ टकराव के योग,सेहत के लिए अलर्ट रहे, कारोबारी स्थिति संतोषजनक !शनि की ढैय्या से सेहत को नुकसान ! 19-20 को कारोबारी दशा ठीक ठाक किन्तु घरेलू मोर्चा पर टेंशन ! 21-23 तक खान पीना संभल के करे सेहत बिगड़ेगी ! 23 -25 तक इरादों मैं कामयाबी , सामान्य हालत भी सुधरेंगे !

मिथुन : 22 मई से 21 जून
कामकाज के लिए बेहतर ,संतान से सहयोग मिलेगा ! 19-20 नवम्बर को विरोधियो को कमजोर न समझे न ही उन पर विस्वाश करे !21-23 को कामकाज संतोषजनक! पति पत्नी में रिस्ता अच्छा होगा ! 23 -25 नवम्बर तक सेहत का ध्यान रखे पेट का खासकर ध्यान रखे !

कर्क : 22जुन से 21 जुलाई
विराधियों से मन टेंस , अपसेट रहेगा, लोहा मसीनरी ,हार्डवेयर का कारोबार करने वालों के लिए दशा अच्छी! 19-20 नवम्बर को मन पर गलत सोच के हावी होने का दर रहेगा, संतान का रवैया भी कुछ उखरा सा रहेगा, 21 से 23 को शत्रु पे नजर रखे 23-25 तक के लिए कारोबार अच्छा!

सिंह : 22 जुलाई से 21 अगस्त
सितारा अदालती कामो को बिगाड़ने और ुश्मनो की सरगर्मी को बढ़ाने वाला है, मगर सामान्य हालत अनुकूल चलेंगे, 19 से 20 नवम्बर को कोर्ट कचिहारी के लिए ढीला, 21 से 23 तक सामन्य हालत बढ़त की ओर 23 से 25 तक शत्रु नुक्सान करने की कोशिश करेंगे !



कन्या: 22अगस्त से 21 सितम्बर
छोटी सोच तथा नेचर वाले किसी साथी से नुक्सान का डर रह सकता है मगर जायदादी कामकाजो के लिए आपकी मेहनत रंग लाएगी ! मान यश की प्रापति !
19 से 20 नवम्बर तक अपनों से सावधान 21से 23 तक जायदादी कामकाजो के लिए समय बेहतर 23 से 25 तक संतान की तरफ से लाभ!

तुला : 22 सितम्बर से 21 अक्टूबर
लेन- देन के कामकाजो में सावधानी बरते , मगर मित्रो से साथियो से सहयोग मिलेगा कामयाबी भी साथ देगी ! सरकारी कामों के लिए स्थिति ख़राब 19-20 को यात्रा से दुरी रखे ! मगर 21 से 23 तक कारोबारी सहयोग देंगे तथा अनुकूल चलेंगे 23 से 25 तक जायदादी कामो को ध्यान से करेंगे!

वृश्चिक :22 अक्टूबर 21 नवम्बर

पर्यटन, कन्सल्टन्सी , मेडिसिन डिजाइनिंग का काम करने वालो के लिए भरपूर लाभ देने वाला समय ! 19-20 नवम्बर को मन व् दिमाग गलत कामों की तरफ बढ़ेगा हर कदम सोच समाज कर रखे 21 से 23 तक धनलाभ तथा कारोबार के लिए अच्छा 23 से 25 तक मेहनत का फल मिलेगा!

धनु :22 नवम्बर से 21 दिसम्बर
किसी पे जयदा भरो न करे न ही दुसरो के काम की जिम्मेदारी ले , सितारा अच्छा प्रभाव बना रहेगा ! साढ़ेसाती उलझन बड़ा सकती है ! 19-20 तक को धन हानि खर्च बढ़ेगा 21 से 23 तक कारोबारी हालत अच्छी रहेगी 23 से 25  व्यापर में हर तरह से लाभ रहेगा !

मकर : 22 दिसम्बर से 21 जनवरी तक
मिटटी ,रेता-बजरी, सीमेंट, भवन निर्माण सामग्री का काम करने वालो के लिए आर्थिक दशा बेहतर पर सावधानी बरते ! परेशानियों को हलके में न ले ! 19-20 को आमदनी का सितारा अच्छा कारोबार में लाभ 21 से 23 तक हर काम में सावधानी रखे सम्बल कर चले कागजी कारवाई में एहतियात बरते23 से 25 तक कामकाजी दशा बेहतर मान समान बढ़ेगा !

कुम्भ: 22 जनवरी से 21 फरवरी
सरकारी कामो के लिए समय ढीला ,खर्चो का दवाब कारोबार के लिए भागदौड़ ज्यादा !19 से 20 तक किसी अफसर के सख्त रुख के कारण सरकारी काम में रुकावट ! 21 से 22 तक सितारा धन लाभ वाला रहेगा कोशिश करने पर कामयाबी भी मिलेगी !23 से 25 तक समय नुकसान परेशानी व् तनाव भरा रहेगा किसी की जिम्मेदारी में न फसे !

मीन : 22फरवरी से 21 मार्च तक
इधर- उधर बेकार कामों की तरफ भटकती बुद्धि को सही दिशा देने की जरूरत राजकीय कामों तथा कारोबारी कामों में कदम बढ़त की ओर ! 19 से 20 को किसी मुश्किल पे पड़ने के योग गलत सोच का प्रभाव रहेगा ! 21 से 23 तक राजकीय कामों में बोलबाला रहेगा !23 से 25 तक आमदन कारोबार में लाभ की सम्भवना !



Pandit ketan bhargav