अब अमरनाथ यात्री नहीं लगा पाएंगे बाबा बर्फानी के जयकारे

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अब अमरनाथ यात्री नहीं लगा पाएंगे बाबा बर्फानी के जयकारे |
अमरनाथ यात्रा बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर साल लाखों लोग दर्शन के लिए जाते है ।बाबा बर्फानी का दर्शन बहुत ही आलोकिक है ! उनके दर्शन मात्र से कई दुःख दूर हो जाते है । परन्तु अमरनाथ यात्रा सबसे मुश्किल यात्राओं में से एक है । अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रधालुओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।इसलिए सभी श्रद्धालओं अमरनाथ यात्रा के दौरान बाबा बर्फानी के जयकारे लगाते हुए मंतर जाप करते हुए और घंटीया बजाते हुए यात्रा करते है जिनसे उन्हें इस मुश्किल यात्रा को पूरी करने की शक्ति मिलती है ।
परन्तु आप को जानकर बहुत दुःख होगा की अब NGT (NATIONAL GREEN TRIBUNAL ) ने अमरनाथ यात्रा के अंतिम चेक पोस्ट से ही इसे साइलेंस जोन घोषित कर दिया है । इसका अर्थ है की अब श्रदालों को वह जयकारे लगाने , मंतर जाप करने और घंटिया बजाने की अनुमति नहीं होगी ।
इस फैसले के पीछे NGT का तर्क है की ये फैसला उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए लिया गया है । उनका कहना है की यात्रा के दौरान जयकारे लगाने से या घंटिया बजने से उसके शोर से हिमशाकलन हो सकता है जिससे यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना हो सकती है ।
NGT ने ये भी कहा है की बाबा बर्फानी की यात्रा के में लगाई गई लोहे की जंजीरो को भी हटा दिया जाये ताकि लोग अच्छे से दर्शन कर सके ।
NGT ने ये भी आदेश जारी किया है की अब आखिरी चेकपोस्ट के बाद एक ही पंक्ति में श्रदालों को आगे जाने दिया जायेगा जबकि पहले ये रोक नहीं थी ।इसके साथ ही NGT ने अब एक दिन में बाबा बर्फानी के दर्शन करने वालों की शंख्या भी 50 हजार श्रदालों तक ही सिमित करने का सुझाव दिया है ।


जल्दी ही अमरनाथ यात्रा बोर्ड को अंतिम पोस्ट पे एक स्टोर बनाने का निर्देश दिया है जहाँ यात्रिओं को अपने मोबाइल औरअन्य उपकरण जमा करा के आगे जाने दिया जायेगा उन्हें मोबाइल लेके जाने की अनुमति नहीं होगी।
NGT ने अमरनाथ बॉर्ड को इन सब बातों पे जल्दी ही अम्ल करने का निर्देश दिया गया है।
NGT के इस फैसले से श्रदालों में मायूसी छा गई है और उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका विरोध किया गया है
दूसरी तरफ स्विट्ज़रलैंड के एक इंस्टिट्यूट का दावा है की बर्फीली पहाड़ियों में चिल्लाने से या शोर से हिमम्सकलन नहीं होता हिमस्ख्लन के पीछे की वजह अत्याधिक बर्फ़बारी का होना या मौसम में अचानक परिवर्तन के कारन या हवा का बहुत अधिक दबाव के कारण होता है ।

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