क्या नजर लग गई है व्यवसाय को

www.ketanastrologer.com
KETAN ASTROLOGER BLOG



किसी का व्यपार जब अच्छाचल रहा होता है तो कहा जाता है की उस प्रभु की कृपा है जो चारो तरफ से बरस रही है । ऐसे स्तिथि में अनेक व्यक्तियों की नजर में व्यापर की बढ़ती प्रगति चुभने लगाती है । किसी को आगे बढ़ता देख बहुत काम लोग होंगे जीने प्र्सनता होगी अन्यता अधिकांश लोगों में ईर्ष्या एंव जलन की भावना पैदा होती है । मन में उठती ईर्ष्या भावना कभी-कभी किसी समय में नजर दोष का कारण बन जाती है और व्यक्ति का अच्छा खासा चलने वाला व्यपार समस्यायों में आने लगता है परिणामस्वरूप लाभ के स्थान पर विभिन्न रूपों में हानि और कष्टकरक समस्यों का सामना करना पड़ता है ।
व्यापार को नजर लगने की एक सबसे बड़ी पहचान यह हो सकती है की अछि गति से चलने व्यवसाय धीरे-धीरे काम होने लगत है । चूँकि व्यवसाय के अधिक गति से चलेने पर ही लाभ होता है इसलिए जब व्ययवसाय की गति काम हो जाएगी तो लाभ मात्रा भी कम हो जाएगी ।और लाभ धीरे हानि में बदलने लगता है । यह स्तिथि अत्यंत घातक सिद्द होती है । व्यक्ति को समाज ही नहीं आ रहा होता ऐसा क्यों हो रहा है और उसे क्या करना चाहिए । और अनेक व्यक्ति निराश और हताश हो जाते है ।



समस्या निवारण के उपाय :
अपने व्यवसाय स्थल पर एक पूजा घर अवश्य स्थापित करे । पूजाघर में विधिविधान से दक्षिणावर्त शंख की स्थापना कराये । प्रतिदिन शंक में जल भरे । दूसरे दिन शंख से भरे जल से अपने प्रतिस्थान पे हलके हलके छींटे दे और फिर शेष जा को पीपल में डाल दे और फिर इसमें जल भर के पूजा करे ।

समस्या उत्पन्न होने परतो सभी प्रयास करते है किन्तु अगर हुऐसे कुछ करे की समस्या आये ही नहीं और यदि आये तो इसका प्रभाव अधिक न हो तो हानि की सम्भावना को काम किया जा सकता है । इसके लिया आपको सामान्य कार्य करना है । आप निश्चय कर ले की आप प्रतिमाह कितनी राशि ईश्वर के नाम से निकल सकते है । उतनी धनराशि का आप अपने इष्ट को व्यवसाय का सांझेदार बना ले । जिस प्रकार आप अपने कर्मचारियों को वेतन देते है उसी प्रकार निश्चित धन राशि निकल कर इसका दान करे । चाहे इस धनराशि से गायों को चारा खिलाये चाहे गरीबो को भोजन दे । ऐसा करने से आपके इष्ट सवय आपकी रक्षा करेंगे और साथ ही किसी भी प्रकार के नजरदोष से बचाएंगे । धनराशि कितनी हो इसका निरधरन आप स्वय करे किन्तु इतनी राशि तो होनी चाहिए की जिसका दान ठीक तरह से हो सके ।

प्र्तेक शनिवार को शनि देव के नाम पर अपनी श्रध्दा के अनुसार दान करे । शनिवार को बहुत से एक डिब्बे में शनि की प्रतिअ का स्वरूप लेकर दान लेते है । ऐसे लोगों को दिया गया दान किसी काम नहीं आता यह भीख मांगने का तरीका। है शनि का दान केवल उन्हें करे जो प्र्त्येक शनिवार आपके प्रतिष्टान आये अथवा सवय किसी शनि मंदिर में जाकर दान करे ऐसा करने से आपका व्यवसाय स्थल अनेक प्रकार की समस्याओ से बचा रहेगा ।
आपको अपने व्यवसाय की पूरी ईमानदारी रखनी चाहिए । आजकल अनेक व्यवसायी अधिक लाभ कमाने केलिए गलत काम करने लगते है , नकली घटिया व् गलत वस्तुए बेचते है , बेमानी करते है किन्तु इस प्रकार से कमाया गया पैसा किसी भी अच्छे कार्य में खर्च नहीं होता है। जैसे गलत तरीके से आता है वैसे ही गलत कार्यो में खर्च हो जाता है । कोई भी बेमानी करता हिअ तो उसका नुकसान आम इंसान को होते है और निश्चित ही उसकी बद्दुआ से व्यवसाय ख़तम हो जाता है ।



अपने व्यवसाय घर में पूजा करता समय गूग्गल का धुप इतनी मात्रा में अवस्य लगाए की उसका गहरा धुआँ हो जाये । इस से भी व्यवसाय स्थल की बुरी नजर के प्रभाव से अवश्य बचा रहेगा ।
किसी की नजर दोष का प्रभाव आपको दिखाई दे तो आप अग्रांकित उपाय करके नजर दोष को समाप्त कर सकते है । आप जब अपने व्यवासय स्थल को बंद करे तो मुख्य द्वार पर एक छोटा सा कागज जलाकर छोड़ दे । उस कागज की अग्नि जब ठंडी हो जाये तब प्रणाम कर आ जाये । इस उपाय के प्रभाव से आपके व्यवासय को किसी की नजर लगने से उत्पन्न विपरीत प्रभाव समाप्त होगा और भविस्य में किसी की नजर दोष का प्रभाव नहीं आएगा । रात्रि में व्यवसाय बंद होने पर शनिदेव की कृपा से आपके व्यवसाय स्थल की पूर्ण रक्षा भी होगी ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *