इस साल का पहला चंद्र ग्रहण बना रहा है त्रियोग|जाने क्या है प्रभाव|शुभ-अशुभ फल|

इस साल का पहला चंद्र ग्रहण बना रहा है त्रियोग।जाने क्या है प्रभाव।शुभ-अशुभ फल।

CHANADAR GRHAN SUTAK
KETAN ASTROLOGER BLOG



इस साल का पहला चंद्र ग्रहण बना रहा है त्रियोग 150 साल बाद हुआ ऐसा
माघ पूर्णिमा बुधवार 31 जनवरी 2018 के सांयकाल खग्रास चंद्रग्रहण सम्पूर्ण भारत में दिखाई देगा। इस ग्रहण की खग्रास आकृति पुरे भारत में दिखेगी। यह ग्रहण आसाम, मिजोरम, अरुणचलप्रदेश, सिक्किम, मेघालय, बंगाल में चंद्रोदय के बाद प्रारंभ होगा जबकि भारत के शेष राज्यों में इस का प्रभाव चंद्र उदय से पहले ही आरम्भ हो जायेगा। सांय 5 -18 -27 से ग्रहण स्पर्श एंव खग्रास प्रारम्भ 6 -21 -47 से होगा।



भारत के अतिरिक्त यह ग्रहण उत्तरी अमेरिका, उतर पूर्वी दक्षिणी अमेरिका, में चंद्र अस्त के साथ समाप्त हो जायेगा अर्थात गर्स्तरूप में दिखाई देगा जबकि उत्तरी पूर्वी यूरोपीय -एशिया हिन्द महासागर में चन्द्रदाय के समय यह खग्रास ग्रहण प्रारम्भ होगा ।भारत में यह ग्रहण मुख्य रूप से यह ग्रहण ग्रहस्तो रूप में देखा जा सकता है अर्ताथ चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण प्रारम्भ हो जायेगा ।केवल भारत के सुदूर उतर पूर्वी राज्यों असम-अरुणाचल -नागालैंड ,सिक्किम,मिजोरम पस्चिम बंगाल के पूर्वी क्षेत्र में इस ग्रहण का आरम्भ देखा जा सकेगा अर्थात जहा चंद्रोदय सांय 5 -18 से पहले होगा vahi इस खग्रास ग्रहण का आरम्भ -खग्रास तहत ग्रहण समाप्ति के सरे घटनाक्रम दिकहि देंगे।

CHANADAR GRAHAN GRABHVATI MAHILAYE RAKHE DHYANA
भारतवर्ष के लिए यह ग्रहण अधिकतर शुभता का संकेत देता है । भारत की विषो में मान-प्रतिष्ठा पहले से अधिक बढ़ेगी । वर्तमान केंद्रीय सत्ता का वर्चस्व बढ़ेगा । बुधवार को घटने वाले ग्रहण से रुई, चावल, सुपारी, गेहूं, चीनी के भावों में तेजी होगी । इस ग्रहण का सूतक 31 -1 -2018 को प्रातः 8 बजकर 18 मिनट पे प्रारम्भ होगा। और ग्रहण की समाप्ति रात्रि 8 बजकर 41 मिनट पे होगी।इस ग्रहणकाल में स्नान -दान, जप-पाठ,मन्त्र स्त्रोत ,पाठ -ध्यान ,तीर्थाटन ,हवन आदि शुभ कृत्य क्रम करने चाहिए । इस ग्रहण काल में अन्न,चावल ,सेफ वस्त्र का दान अगले दिन 1 फरवरी को प्रातः सूर्यादय के समय करना चाहिए ।




सूतक एंव ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श ,अनावस्यक खाना पीना ,मैथुन, निंद्रा,तेल लगाना आदि वर्जित है ।वृद्द रोगी,बालक, गर्भवती स्त्रियां यथानुकुल भोजन ग्रहण स्पर्श से पहले करले, गर्भवती स्त्रियां को ग्रहण काल में सब्जी काटना,पापड़ सेकना इत्यादि कार्यो से परहेज है ।कोई गांठदार वस्त्र भी न पहने तो अच्छा है ।उन्हें ग्रहण काल में चन्द्रमा के प्रकाश से दूर रहते हुए धरम ग्रंथो का अध्यन करना चाहिए । घरां के सूतक से पहले अर्थात प्रातः 8 बजे से दूध/दही/आचार/चटनी आदि खाध पदार्थों में कुशा रखें श्रेयकर होगा ।रोगी को महामृतंज्य का जाप करना चाहिए ।धन प्राप्ति की इच्छावाले श्री सूक्तम की 16 ऋचाओं का पाठ करे जिनका धन रुका हो और कर्जा हो वे ‘ॐ गणेश ऋणं छिंदी वरेण्यम हूँ नमः फट स्वाहा’ का जाप करे । गायत्री मन्त्र के जाप का भी विशेष महत्त्व है ।



CHANADR GRAHAN KE DIN SNAN
मेष, वृष, कन्या वालो को विशेष फलदायी शुभ फल मिलेगा जिसमे कार्य सिद्धि ,लाभ उन्नति की प्राप्ति होगी । मिथुन, सिंह,तुला ,मकर,कुम्भ राशि वालो के लिए कष्टकारी ,धन-हानि,परेशानी चिंता,संतान को कष्ट देने वाला होगा । इन राशि वालों को ग्रहण काल में विशेष रूप से मंतर जाप ,दान करना चाहिए सप्तनाज का दान ,तीन सूखे नारियल पर काजल का लेप करके चलते पानी में जल परवाह करना चाहिए महामृतंज्य मंतर का जाप करना चाहिए ।