शिवपुराणः जानिए बेलपत्र से पूजा करने के चमत्कारी लाभ|महाशिवरात्रि विशेष

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शिवरात्रि का पर्व 4 मार्च 2019 को है । इस दिन के प्रति लोगो की खाश आस्था है । फाल्गुन मास्स में ये त्यौहार की तरह मनाया जाता है । पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान् शिव और माता पारवती का विवाह हुआ था । इस दिन पूर्ण विधि से भगवन शिव की आराधना और पूजा की जाती है । भगवान शिव जी की पूजा इस दिन खास फलदायक होती है भगवान् शिव को भोले भी कहा जाता है क्योकि भगवान शिव अपने भक्तो से जल्दी प्रसन्न हो जाते है और सच्चे मन से पूजा करने वालो को हमेशा वरदान देते है ।भगवान शिव भस्म और भांग से ही खुश हो जाते लेकिन शिवपुराण के अनुसार एक ऐसा पोधा भी है जिसके चढ़ावे से कई जनम तक भगवान शिव की कृपा बरसती रहती है ।हम आपको बेलपत्र से होने वाले चमत्कारी फायदे बताने वाले है ।

शिवपुराण में है ज़िक्र :
शिवपुराण में बेलपत्र का उल्लेख बड़े विस्तार से किया है। शिव भगवान को प्रसन्न करने के लिए अलग अलग तरह की पूजा और विधिया होती है ।कई प्रकार के पुष्प , पतों आदि का अर्पण भगवान शिव पर किया जाता है । बेलपत्र , बेर से पूजन करने से भगवान शिव की असीम कृपा होती है ।माना जाता है की तीनो लोकों में जितने भी पुण्य तीर्थ है वे सारे बेलपत्र के मूल भाग में निवास करते है । जो लोग बेलपत्र के साथ शिव की आराधना करते है उन्हें असीम कृपा नसीब होती है ।




दरिद्रता होती है दूर
बेलपत्र बहुत पवित्र माना जाता है । माना जाता है की बेलपत्र से पूजा करने से भगवान शिव संतुष्ट होते है । जो भक्त गंध ,पुष्प और बेलतर से पूजा करता है वो निश्चय ही भगवान शिव का परम भक्त बन जाता है और भगवान शिव सवयं उसकी रक्षा करते है बेलपत्र की जड़ समीप रह कर जो मनुष्य शिवभक्तों को भोजन कराता है वह करोड़ो पुण्य की प्राप्ति करता है ।बेलपत्र की जड़ से कोई शिवभक्तों को खीर और घृत से युक्त अन्न देता है वो हर प्रकार की दरिद्रता से मूत हो जाता है।